Anura Tennekoon: श्रीलंका क्रिकेट के इतिहास और शुरुआती दौर के नायक
अनूरा तेनेकून: श्रीलंका क्रिकेट के शुरुआती दौर के नायक
अनूरा तेनेकून (Anura Tennekoon) श्रीलंका क्रिकेट इतिहास के एक बेहद सम्मानित और क्लासिक बल्लेबाज रहे हैं। उन्होंने उस दौर में श्रीलंका टीम का नेतृत्व किया था जब देश को अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट परिषद (ICC) की तरफ से पूर्ण टेस्ट मैच खेलने का दर्जा (Test Status) भी नहीं मिला था।
प्रारंभिक जीवन और करियर
- जन्म: 29 अक्टूबर 1946 (अनुराधापुरा, श्रीलंका)
- बल्लेबाजी शैली: दाएं हाथ के शानदार बल्लेबाज (Right-hand batsman)
- पहचान: उन्हें अपनी तकनीक, धैर्य और क्रीज पर लंबी पारियां खेलने के लिए जाना जाता था। उन्होंने कोलंबो के प्रसिद्ध 'थॉमियन कॉलेज' से अपनी शुरुआती क्रिकेट यात्रा शुरू की थी।
मुख्य उपलब्धियां और ऐतिहासिक कप्तानी
- विश्व कप में कप्तानी: अनूरा तेनेकून ने 1975 में आयोजित पहले क्रिकेट विश्व कप (Prudential World Cup) में श्रीलंकाई टीम की कप्तानी की थी। इसके बाद 1979 के दूसरे विश्व कप में भी वे टीम के कप्तान बनकर इंग्लैंड गए थे (हालांकि चोट के कारण वे कुछ मैच नहीं खेल पाए थे)।
- ऐतिहासिक जीत (1979): 1979 के विश्व कप में श्रीलंका ने उनकी कप्तानी के दौर में (मैच के दौरान कार्यवाहक कप्तान बंदुला वर्णपुरा थे) मजबूत भारत को हराकर बड़ा उलटफेर किया था, जिसने श्रीलंका को आगे चलकर टेस्ट स्टेटस दिलाने में बड़ी भूमिका निभाई।
- प्रथम श्रेणी (First-Class) रिकॉर्ड: श्रीलंका को टेस्ट दर्जा मिलने से पहले वे लगातार प्रथम श्रेणी मैचों और गैर-आधिकारिक (Unofficial) टेस्ट मैचों में देश का मुख्य चेहरा रहे। उन्होंने अपने प्रथम श्रेणी करियर में कई शानदार शतक लगाए।
क्रिकेट प्रशासन में योगदान
संन्यास लेने के बाद भी वे श्रीलंका क्रिकेट से दूर नहीं हुए। उन्होंने देश में क्रिकेट को बढ़ावा देने के लिए प्रशासनिक स्तर पर कई बड़ी भूमिकाएं निभाईं:
- वे श्रीलंका क्रिकेट (SLC) के मुख्य कार्यकारी अधिकारी (CEO) रहे।
- वे नेशनल सिलेक्टर्स (चयन समिति) के अध्यक्ष और श्रीलंका की नेशनल टीम के मैनेजर के पद पर भी कार्यरत रहे।
स्रोत: ईएसपीएन क्रिकइन्फो और श्रीलंका क्रिकेट।
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