मिडिल ईस्ट में महायुद्ध का खतरा! अमेरिका और ईरान के बीच सीजफायर टूटा, दोनों देशों ने किए ताबड़तोड़ हमले
मिडिल ईस्ट में महायुद्ध का खतरा! अमेरिका और ईरान के बीच सीजफायर टूटा, दोनों देशों ने किए ताबड़तोड़ हमले
पिछले दो हफ्तों से अमेरिका और ईरान के बीच शांति की उम्मीद जगा रहा सीजफायर (युद्धविराम) पूरी तरह से ध्वस्त हो चुका है। शनिवार (27 जून) को दोनों देशों ने एक-दूसरे पर भीषण मिसाइल और हवाई हमले किए, जिसके बाद पूरा मिडिल ईस्ट एक बार फिर बड़े युद्ध के मुहाने पर आकर खड़ा हो गया है। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने इस उल्लंघन के बाद ईरान को बेहद सख्त लहजे में चेतावनी दी है।
कैसे टूटा सीजफायर? तनाव की पूरी क्रोनोलॉजी
दोनों देशों के बीच पिछले 4 महीनों से जारी जंग को रोकने के लिए करीब दो हफ्ते पहले ही एक सीजफायर समझौता हुआ था। लेकिन पिछले 48 घंटों में स्थितियां तेजी से बिगड़ीं:
कमर्शियल शिप पर हमला (25 जून): सीजफायर के बीच ईरान की ओर से 'स्ट्रेट ऑफ होर्मुज' से गुजर रहे एक व्यापारिक जहाज (M/V Ever Lovely) पर ड्रोन से हमला किया गया। अमेरिका ने इसे समझौते का खुला उल्लंघन माना।
अमेरिका का पहला एक्शन (26 जून): अमेरिकी सेंट्रल कमांड (CENTCOM) ने जवाब में ईरान के तटीय रडार और ड्रोन ठिकानों को तबाह कर दिया।
कल (27 जून) का बड़ा हमला: अमेरिका की एयरस्ट्राइक और ईरान का पलटवार
शनिवार को यह तनाव तब चरम पर पहुंच गया जब अमेरिकी राष्ट्रपति के आदेश पर अमेरिकी वायुसेना ने ईरान के भीतर घुसकर 10 अलग-अलग रणनीतिक ठिकानों (मिसाइल डिपो और एयर डिफेंस सिस्टम) पर भीषण बमबारी की।
इस हमले के तुरंत बाद ईरान की पैरामिलिट्री रिवोल्यूशनरी गार्ड्स (IRGC) ने भी जवाबी कार्रवाई करने में देर नहीं लगाई। ईरान ने बहरीन और कुवैत में मौजूद अमेरिकी नौसेना के ठिकानों और 'अल असद एयर बेस' को निशाना बनाकर कई बैलिस्टिक मिसाइलें और सुसाइड ड्रोन दागे।
डोनाल्ड ट्रंप की खुली धमकी: "ईरान का अस्तित्व खत्म हो जाएगा"
इस ताजा हमले के बाद अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने सोशल मीडिया (Truth Social) पर ईरान को अब तक की सबसे गंभीर चेतावनी दी। ट्रंप ने लिखा:
"अगर हमें सैन्य तरीके से इस काम को पूरी तरह अंजाम देने के लिए मजबूर किया गया, तो ईरान (इस्लामिक रिपब्लिक) का अस्तित्व ही खत्म हो जाएगा।"
दूसरी तरफ, ईरान के विदेश मंत्रालय ने अमेरिकी हमलों को अंतरराष्ट्रीय कानूनों का उल्लंघन बताया है। ईरान ने साफ किया है कि अगर अमेरिका की ओर से हमले नहीं रुके, तो दोनों देशों के बीच जारी सभी राजनयिक बातचीत (Diplomatic Processes) को हमेशा के लिए बंद कर दिया जाएगा।
वैश्विक बाजार पर पड़ेगा असर
इस सीजफायर का मुख्य उद्देश्य दुनिया भर में कच्चे तेल की आसमान छूती कीमतों को नियंत्रित करना था। लेकिन कल हुए इन ताबड़तोड़ हमलों के बाद वैश्विक तेल बाजार में एक बार फिर भारी अनिश्चितता का माहौल बन गया है। जानकारों का मानना है कि यदि यह तनाव आगे और बढ़ा, तो आने वाले दिनों में ईंधन की कीमतें रिकॉर्ड स्तर पर पहुंच सकती हैं।
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