Nifty 50 Technical Analysis & Key Trading Levels: 25 June 2026
कल 25 जून 2026 (गुरुवार) के लिए Nifty 50 का टेक्निकल आउटलुक और प्रेडिक्शन नीचे दिए गए मुख्य लेवल्स और फैक्टर्स पर आधारित है। बुधवार (24 जून) को निफ्टी 197.55 पॉइंट (+0.83%) की तेजी के साथ 24,021.65 पर बंद हुआ है, जो कि शॉर्ट-टर्म के लिए एक पॉजिटिव संकेत है।
## मुख्य टेक्निकल लेवल्स (Key Levels for Tomorrow)
कल की ट्रेडिंग के लिए ये लेवल्स सबसे महत्वपूर्ण रहेंगे:
- Pivot (गो-नो-गो जोन): 23,900 से 23,950। जब तक निफ्टी इसके ऊपर बना हुआ है, तब तक बायर्स का दबदबा रहेगा।
- Resistance 1 (पहला रेजिस्टेंस): 24,150। यदि निफ्टी इस लेवल के ऊपर टिकता है, तो आपको 24,300 (Resistance 2) तक की अपसाइड देखने को मिल सकती है।
- Support 1 (पहला सपोर्ट): 23,900। इंट्राडे में गिरावट आने पर यह मजबूत सपोर्ट का काम करेगा। इसके टूटने पर अगला बड़ा सपोर्ट 23,750 पर है।
### बाजार के बड़े संकेत (Market Indicators)
- India VIX: वीआईएक्स (VIX) घटकर 13.33 (-4.38%) पर आ गया है, जो यह दर्शाता है कि मार्केट में पैनिक या बड़ा डर नहीं है। कम वोलेटिलिटी आमतौर पर 'Buy on Dips' (गिरावट पर खरीदारी) को सपोर्ट करती है।
- GIFT Nifty: गिफ्ट निफ्टी फिलहाल 24,040 के करीब ट्रेड कर रहा है, जो कल सुबह एक फ्लैट से हल्की पॉजिटिव ओपनिंग का इशारा दे रहा है।
- सेक्टर फोकस: आज आईटी (Nifty IT +2.05%) और प्राइवेट बैंकों (ICICI, HDFC) में अच्छी रिकवरी दिखी है। कल भी इनकी चाल मार्केट की दिशा तय करेगी।
> ⚠️ कल का बड़ा रिस्क: Sensex Weekly Expiry
कल BSE Sensex की वीकली ऑप्शंस एक्सपायरी है। इस वजह से दोपहर 2:00 बजे से 3:15 बजे के बीच मार्केट में तेज उतार-चढ़ाव (cross-index volatility) देखने को मिल सकता है। एक्सपायरी के दौरान निफ्टी अस्थाई रूप से 23,950 के नीचे भी डिप ले सकता है, जिसे पैनिक सेलिंग न मानकर सही स्टॉपलॉस के साथ खरीदारी का मौका देखा जा सकता है।
ट्रेडिंग सलाह: कल अगर मार्केट फ्लैट या हल्का गैप-अप खुलता है, तो सीधे ऊपर चेज़ करने (दौड़ने) के बजाय 23,950-24,000 के जोन में किसी इंट्राडे डिप या रीटेस्ट का इंतजार करना बेहतर रणनीति हो सकती है।
⚠️ वैधानिक चेतावनी (SEBI Disclaimer): मैं सेबी (SEBI) पंजीकृत रिसर्च एनालिस्ट या इन्वेस्टमेंट एडवाइजर नहीं हूँ। यह एनालिसिस केवल एजुकेशनल और इंफॉर्मेशनल पर्पस के लिए है। शेयर मार्केट और ऑप्शंस ट्रेडिंग (F&O) में भारी वित्तीय जोखिम शामिल है। कोई भी ट्रेड लेने से पहले अपने फाइनेंशियल एडवाइजर से सलाह जरूर लें और अपने रिस्क मैनेजमेंट का पूरा ध्यान रखें।
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