UP Bhulekh: उत्तर प्रदेश में ऑनलाइन खतौनी कैसे निकालें और नाम चेंज करने की प्रक्रिया?

UP Bhulekh 2026: उत्तर प्रदेश में ऑनलाइन खतौनी कैसे निकालें और नाम बदलने (दाखिल-खारिज) की पूरी प्रक्रिया

​उत्तर प्रदेश सरकार ने डिजिटल इंडिया मुहिम के तहत राजस्व (Revenue) से जुड़ी व्यवस्था को बेहद आसान बना दिया है। अब राज्य के नागरिकों को अपनी ज़मीन का रिकॉर्ड देखने या खतौनी निकालने के लिए तहसील या लेखपाल के चक्कर काटने की ज़रूरत नहीं है। आप घर बैठे अपने मोबाइल से ही ऑनलाइन खतौनी निकाल सकते हैं और नाम चेंज (दाखिल-खारिज) के लिए आवेदन भी कर सकते हैं।

​1. उत्तर प्रदेश में ऑनलाइन खतौनी (Bhulekh Khatauni) कैसे निकालें?

​यूपी में अपनी ज़मीन का भूलेख या खतौनी की नकल देखने की प्रक्रिया बहुत ही सरल है:

​ऑफिशियल वेबसाइट पर जाएं: सबसे पहले अपने मोबाइल या कंप्यूटर के ब्राउज़र में उत्तर प्रदेश राजस्व परिषद की आधिकारिक वेबसाइट upbhulekh.gov.in खोलें।

​जनपद और तहसील चुनें: वेबसाइट के होम पेज पर आपको उत्तर प्रदेश के सभी जिलों की सूची दिखेगी। वहाँ अपने 'जनपद' (District) का चयन करें, फिर अपनी 'तहसील' और उसके बाद अपने 'ग्राम' (Village) का नाम चुनें।

​खोजने का विकल्प चुनें: अब आपके सामने ज़मीन का रिकॉर्ड ढूंढने के 4 विकल्प आएंगे:

​खसरा/गाटा संख्या द्वारा

​खाता संख्या द्वारा

​खातेदार के नाम द्वारा

​भूखंड/गाटा के यूनिक कोड द्वारा

​विवरण देखें: यदि आपको गाटा संख्या याद नहीं है, तो आप "खातेदार के नाम द्वारा खोजें" पर क्लिक करके अपना नाम लिख सकते हैं। नाम आते ही उस पर टिक करें और "उद्धरण देखें" (View Description) पर क्लिक करें।
एवं स्क्रीन पर दिखने वाले सुरक्षा कोड (Captcha) को सही-सही भरें। इसके बाद आपकी डिजिटल खतौनी पूरी डिटेल के साथ स्क्रीन पर आ जाएगी, जिसे आप डाउनलोड या प्रिंट कर सकते हैं।

​2. खतौनी में नाम चेंज करने की ऑनलाइन प्रक्रिया (दाखिल-खारिज / नामांतरण)

​यदि आपने कोई ज़मीन खरीदी है, या विरासत (वरासत) के तहत ज़मीन आपके नाम आनी है, तो पुराने मालिक का नाम हटाकर अपना नाम चढ़वाने की प्रक्रिया को दाखिल-खारिज (Mutation) या नामांतरण कहते हैं। उत्तर प्रदेश में अब इसके लिए भी ऑनलाइन व्यवस्था कर दी गई है:

​पोर्टल का नाम: ऑनलाइन नाम चेंज या दाखिल-खारिज के आवेदन के लिए आपको यूपी के vaad.up.nic.in (राजस्व न्यायालय कम्प्यूटरीकृत प्रबंधन प्रणाली) पोर्टल पर जाना होगा।

​ऑनलाइन आवेदन: इस पोर्टल पर 'धारा 34' (उत्तराधिकार या अंतरण) के तहत नामांतरण के लिए ऑनलाइन आवेदन फॉर्म भरा जाता है।

​ज़रूरी दस्तावेज़: ऑनलाइन फॉर्म भरते समय आपको रजिस्ट्री की कॉपी (Sale Deed), पहचान पत्र और पुरानी खतौनी की कॉपी अपलोड करनी होती है।

​लेखपाल और तहसीलदार की जांच: आपके ऑनलाइन आवेदन करने के बाद यह सीधे संबंधित क्षेत्र के लेखपाल और राजस्व अधिकारी (तहसीलदार कोर्ट) के पास ऑनलाइन ट्रांसफर हो जाता है। तय समय सीमा के भीतर और बिना किसी आपत्ति के आपकी ज़मीन पर नाम बदलने की प्रक्रिया पूरी कर दी जाती है और नई खतौनी में आपका नाम दर्ज हो जाता है।

निष्कर्ष

​यूपी भूलेख और वाद पोर्टल की मदद से अब ज़मीन से जुड़े कामों में पारदर्शिता आई है और भ्रष्टाचार पर लगाम कसी है। आम जनता अब बिना किसी बिचौलिए के अपनी संपत्ति का पूरा ब्यौरा लाइव देख सकती है।

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