वीआईपी (VIP) दौरा: लोकतंत्र का उत्सव या आम जनता की जेब पर भारी खर्च?
जब भी देश के प्रधानमंत्री या किसी राज्य के मुख्यमंत्री का किसी जिले या क्षेत्र में दौरा होता है, तो पूरा प्रशासनिक अमला अलर्ट मोड पर आ जाता है। सड़कों की मरम्मत रातों-रात हो जाती है, सुरक्षा के अभेद्य इंतजाम किए जाते हैं, और एक बड़ा सा तामझाम दिखाई देता है। लेकिन इस चमक-धमक के पीछे एक बड़ा सवाल हमेशा तैरता रहता है— इस पूरे दौरे में कितना पैसा खर्च होता है और यह पैसा किसकी जेब से जाता है? आइए इस पूरे तंत्र, इसके पीछे होने वाले खर्च और इसके बजटीय गणित को विस्तार से समझते हैं। 1. वीआईपी दौरे में कहाँ-कहाँ खर्च होता है? (खर्च के मुख्य घटक) एक मुख्यमंत्री या प्रधानमंत्री के दौरे को सफल बनाने के लिए कई विभागों को एक साथ मिलकर काम करना पड़ता है। इसमें होने वाले खर्चों को मुख्य रूप से इन श्रेणियों में बांटा जा सकता है: सुरक्षा व्यवस्था (Security): यह सबसे बड़ा और सबसे खर्चीला हिस्सा होता है। प्रधानमंत्री की सुरक्षा की जिम्मेदारी SPG (Special Protection Group) के पास होती है, जबकि मुख्यमंत्रियों की सुरक्षा में स्टेट पुलिस, एंटी-टेरर स्क्वाड (ATS) और केंद्रीय बल तैनात होते हैं। दौरे ...